क्या आपको मालूम है के पहले अंडमान और निकोबार द्वीप अलग अलग नहीं बल्कि एक ही महाद्वीप हुआ करते थे? यह माना जाता है एक प्रसिद्ध पौराणिक लोककथा के कारण जिसका नाम तताँरा-वामीरो है ।

अंडमान और निकोबार जब एक द्वीप हुआ करते थे , तब वह एक सुन्दर सा गाँव बसा हुआ था । वह एक युवक नौजवान रहता था जिसका नाम था तताँरा। वह एक बहुत नेक दिल युवक था और हमेशा मन से गाँव के सदस्यों की सेवा करता था । स्थानीय लोगो में वह लोकप्रिय था । हमेशा क्षेत्रीय कपड़ो में रहने वाला यह युवक हमेशा अपनी कमर पर एक लकड़ी की तलवार साथ लेके घूमता था । लोगो का कहना था की यह तलवार में शक्तियां है ।

एक बार थके हुए पुरे दिन के काम के बाद तताँरा ने सोचा आज समुद्र के किनारे टहला जाए । सूर्यास्त का नज़ारा लेते हुए तंतरा को बड़ा आनंद आ रहा था के एकदम से मधुर सी आवाज़ सुनाई दी ।

आवाज़ इतनी मीठी थी की वह अपना सुध-बुध खोने लगा और उस आवाज़ का पीछा करने लगा । फिर उसके एक सुन्दर युवती नज़र आती है जो यह मधुर गीत गा रही है । एक समुद्री लेहेर उठने के कारण वह युवती भीग जाती है और हड़बड़ी में अपना गाना भूल जाती है ।

तताँरा उसको गाना रोकने का कारण पूछता है । युवती उसको देख कर चौंक गयी और ऐसे फालतू के सवाल पूछने का कारण पूछने लगा । इस दौरान तताँरा उसको गाने का निवेदन करता रहा ।

अंत में भोले तताँरा को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने माफ़ी मांगकर युवती से उससे उसका नाम पूछा । युवती ने अपना नाम वामीरो बताया । तताँरा ने अपना नाम बताते हुए युवती से अगले दिन आने का निवेदन किया ।

वामीरो अपने घर पहुंची तो उसको अंदर से बेचैनी होने लगी । उसने तताँरा में सारे अचे गुण पाए जो एक अच्छे पति में होने चाहिए पर यह सबंध उनकी परंपरा के खिलाफ था । इसलिए वामीरो ने तताँरा को भूलना ही बेहतर समझा । किसी तरह दोनों की रात एक दूसरे के बारे में सोचते हुए निकली ।

तताँरा अगले दिन समुद्र के किनारे पहुँच गया और वामीरो की प्रतीक्षा करने लगा । काफी देर प्रतीक्षा करने के बाद उसको एक सुन्दर युवती आती हुई दिखी जो वीमारो ही थी । अब ऐसे ही शाम को दोनों का मिलना होता जिसमे दोनों एक दूसरे को प्यार से निहारते रहते । एक दिन कुछ लोगो ने इन्हे देखलिए और इनके प्यार का किस्सा पुरे गाँव में आग की तरह फ़ैल गया । दोनों का अलग गाँव से होने के कारण उनका विवाह संभव नहीं था । शुभचिंतको ने दोनों को बहुत समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने और हर शाम मिलते रहे ।

कुछ समय बाद तताँरा के गाँव में एक पशु-पर्व का आयोजन हुआ । इधर सभी गाँव हिस्सा लिए करते थे । पर्व पर तरह तरह प्रसंग जैसे गीत-संगीत, कुश्ती आदि का आयोजन किया जाता जिसमे सभी युवक हिस्सा लेकर अपना योगदान देते । इतने अच्छे खुशी के माहौल में तताँरा का मन नहीं लग रहा था और उसकी आँखे सिर्फ वामीरो को ढूँढ रही थी ।

तभी उसकी नज़र एक नारियल के झुंड के पीछे पड़ी जहा वामीरो खड़ी थी । वामीरो ने तताँरा को देखते ही रोना शुरू कर दिया । तताँरा डर गया । रोने की आवाज़ सुनकर वामीरो की माँ वह पहुँच गयी और उसने तताँरा को बहुत बुरा भला कहा और आपत्तिजनक टिपणी दी ।

गाँव के लोग जिनका तताँरा चहेता था अब वह सब उसके खिलाफ आवाज़ उठाने लगे । यह तताँरा से सहन नहीं हुआ । इतना अपमान अपनी ज़िन्दगी में तताँरा ने कभी नहीं झेला था ।

गुस्से से भरे तताँरा ने अचनाक अपनी पीछे लटकी तलवार को निकाला और अपनी तलवार को पूरी जान के साथ धरती में घुसा दिया और पूरी ताकत के साथ खींचने लगा । जहाँ से उसने लकीर खींची वहा से धरती में दरार आने लगी ।

द्वीप दो टुकड़ो में बट गया । एक तरफ तताँरा था और एक तरफ वामीरो । दूसरा द्वीप निचे को धसने लगा । वह तताँरा बेहोश पड़ा था ।

जैसे ही तताँरा को होश आया वह दूसरी तरफ को दूसरे द्वीप का सिरा पकड़ने की कोशिश में  कूदा पर वहा तक पहुँचने में असफल रहा ।

तताँरा लहू से लतपत पड़ा रहा । उसके बाद तताँरा का क्या हुआ यह कोई नहीं जानता । वामीरो की मानसिक हालत बिगड़ गयी और वह पागल हो गयी तथा उसने खाना पीना भी छोड़ दिया ।

ना तताँरा इस दुनिया में है और ना वामीरो । तताँरा चाहे अपने प्यार को पाने में असफल रहा पर इस घटना के कारण लोगो ने अंतरगाँव विवाहिक सम्बन्ध स्थापित करने लगे । इनकी प्रेमकथा सच्चे प्यार का निशानी है और आज भी स्थानीय लोगो में चर्चित है ।

विज्ञान इसकी व्याख्या में कहता है की अंडमान और निकोबार द्वीप दोनों पहले एक साथ हुआ करते थे पर बहुत सालो पहले ज्वालामुखी फटने के कारण और पृथ्वी के टेकटोनिक प्लेट्स हिल जाने के कारण दोनों द्वीप अलग हुए है । आपको क्या लगता है क्या कारण हो सकता और क्या विचार है आपका तताँरा-वामीरो के बारे में? बताईये हमे comments में !

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गुनकार सिंह

मेरा नाम गुनकार सिंह है और मैं BCA 3rd year का छात्र हूँ । मैं डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया से वाकिफ हूँ और तरह तरह की तकनीके जैसे SEO , SMO , सोशल मीडिया मार्केटिंग भी जानता हूँ । मेरा यह ब्लॉग शुरू करने का मकसद यह है की ज़्यादा से ज़्यादा लोगो तक अपने विचार और अपनी बातो को पहुंचा सकूँ । E-Mail - gunkaar.singh17@gmail.com

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