आपको इंटरनेट के माध्यम से पता तो चल गया है की भारी बारिशो के कारण केरल में भयंकर बाढ़ आयी हुई है । यह भयंकर बाढ़ अभी तक 300 से ऊपर लोगो की जाने ले चुकी है । आपका सारा परिवार और दोस्त रोज़ एक न एक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है । बहुत लोगो की शिकायत है की इंडियन मीडिया इस न्यूज़ को महत्त्व नहीं दे रहा है और यह सच भी है । अगर सोशल मीडिया ना होता तो शायद ही यह खबर हम सब तक पहुँच पाती । आइए आज हम चर्चा करते है की इंडियन मीडिया क्यों नहीं इस ज़रूरी खबर को नहीं ख़ास coverage दे रही :-

 

  • यह खबर दिल्ली या मुंबई की नहीं है
लगभग सभी Media Houses दिल्ली या मुंबई में बसे है । दिल्ली में इसलिए क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है । यहाँ पर सुप्रीम कोर्ट , संसद भवन , बड़ी रजनीतिक दलो के दफ्तर अथवा बहुत चीज़े है जिनसे “मसालेदार” न्यूज़ निकल सके । मुंबई बॉलीवुड का अड्डा है । यहाँ से बड़े बड़े कलाकारों के सफर की शुरुआत होती है । कुछ भी घटना जो दिल्ली या मुंबई के 500km-700km के दायरे में घटी हो उसकी आसानी से खबर बन जाती है । इसलिए सारे बुद्धिमान और गुणवान पत्रकार इन्ही स्थानों पर खबर खींचने के लिए तैनात किये जाते है। Media Houses ने बहुत कम लोग ही दक्षिण भारत की तरफ तैनात किये है जिस कारण हमे ऐसी जगह जैसे चेन्नई और केरल की ज़्यादा खबर नहीं मिलती ।

 

 

  • यह खबर राजनीतिक नहीं है ।

एक बड़ी दिक्कत ये है की यह तो कुदरत का करिश्मा है । यह खबर को ना ही हिन्दू-मुस्लिम वाला “मसाला” दिया जा सकता है और ना ही BJP या Congress को दोषी ठहराया जा सकता है । ऐसी न्यूज़ को महत्व देने का क्या फायदा जिसमे धरम और राजनीति के गुन ना गाये जा रहे हो ।

 

 

  • यह खबर में मसाला नहीं है

यह खबर को एक ही नज़रिये से देखा जा सकता है । यह खबर कोई शीना बोरा या आरुषि के हत्याकांड की खबर नहीं है जो तरह तरह के नज़रियो के साथ घंटो देश भर में दिखाई जा सके । यह खबर किसी राजनीतिक दिग्गज से सम्बंधित भी नहीं है । ऐसे में क्यों हमारा मीडिया TRP की जगह एक ज़रूरी खबर को महत्तव देगा ?

 

 

  • यह खबर किसी स्वय घोषित भगवान बाबा की नहीं है

हर दो चार दिन में आपको किसी बाबा की मज़ेदार खबर मिल ही जाती है । कभी राधे माँ अपनी टूटी अंग्रेजी में कुछ कह देती है या कभी निर्मल बाबा का शो देखकर मनोरंजन कर लीजिये । लोगो को यह पसंद और TRP भी इससे अच्छी मिलती है । फिर क्यों महत्तव दिया जाए बाढ़ जैसी खबर को ?

 

 

  • मीडिया खबर पहुंचाता नहीं , बेचता है ।

जब तक खबर में बिकने की क्षमता ना हो , तब तक मीडिया उसको महत्तव देना उचित नहीं समझता । खबर में TRP लानी की क्षमता ना हो और ना ही लोग घंटो वो चीज़ को देखते रहे , तो खबर को महत्तव देने का फायदा ही क्या ? आजकल मीडिया का काम खबर पहुंचाना नहीं , सिर्फ बेचने का है ।

 

 

इंडियन मीडिया का खास समर्थन ना होने के बावजूद सोशल मीडिया ने यह खबर हर एक तक पहुंचाने का ज़िम्मेदारी ली और उसमे सफल भी रहे । लोगो ने केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए तरह तरह के अभियान चलाये है । मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा , मस्जिद सभी के दरवाज़े पीड़ितों की मदद के लिए खुले 24 घंटे खुले है । आप उनकी मदद करने के लिये सहायता राशि दान कर सकते है । आप यहाँ से धन राशि दान करने की जानकारी प्राप्त कर सकते है :-

  • https://donation.cmdrf.kerala.gov.in
  • आप paytm पर भी दान कर सकते है ।

आज अगर अटल बिहारी वाजपेयी जी ज़िंदा होते तो मुझे पूरा भरोसा की वह भी यही चाहते की करेल की भयंकर बाढ़ पीड़ितों को राहत मिले और उनकी जगह यह मुद्दे को ख़ास महत्तव मिले ।

 

केरल के मुख्यमंत्री के ताज़ा ब्यान के मुताबिक़ अभी तक केरल को 19000 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चूका है और यह रकम अभी बढ़ेगी । आइए सब साथ दान करे और आशा करे की उनको सुख शांती जल्द ही प्राप्त हो ।

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गुनकार सिंह

मेरा नाम गुनकार सिंह है और मैं BCA 3rd year का छात्र हूँ । मैं डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया से वाकिफ हूँ और तरह तरह की तकनीके जैसे SEO , SMO , सोशल मीडिया मार्केटिंग भी जानता हूँ । मेरा यह ब्लॉग शुरू करने का मकसद यह है की ज़्यादा से ज़्यादा लोगो तक अपने विचार और अपनी बातो को पहुंचा सकूँ । E-Mail - gunkaar.singh17@gmail.com

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