Whatsapp हमारी ज़िन्दगी का एक ऐसा एहम हिस्सा बन चूका है जिसके बिना हम जी नहीं सकते । यह एक ऐसा हल्का सॉफ्टवेयर है जो 2G नेटवर्क पर भी सन्देश भेज और प्राप्त कर सकता है जिसकी वजह से यह सबमें लोकप्रिय है । विकिपीडिया के मुताबिक़ Whatsapp का वर्तमान यूजर बेस लगभग 1.5 अरब है । भारत जैसे देशो में बढ़ती चर्चा और लोकप्रियता के कारण Whatsapp #1 Social Messaging App का दर्जा प्राप्त कर चुका है ।

Whatsapp की अपनी कुछ खास विशेषताएं है जिनके कारण कोई और App आज तक Whatsapp को टक्कर नहीं दे पाया । यह लगभग हर एक मोबाइल प्लेटफार्म पर मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है । Whatsapp लिखित सन्देश भेजने के इलावा तस्वीरें और वीडियोस भेजने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है । Whatsapp की सबसे बड़ी खासियत है की यह बिना Ads के चलता है और बिलकुल मुफ्त है । हम इसे Voice Calling या Video Calling के लिए भी इस्तेमाल कर सकते है , जिसके कारण यह “लगभग” सबसे उत्तम Social Messaging App कहलाया जाता है । Developers इसको लगभग हर हफ्ते अपडेट करते है । Whatsapp पर रजिस्टर करना बहुत आसान है । बस अपना फ़ोन नंबर डालिये और बाकी का तामझाम Whatsapp खुद संभाल लेता है । आखिर में अपना नाम डालिये और आपका Whatsapp चालू हो जाएगा ।

Whatsapp ने शुरुआत $1 प्रति साल सब्सक्रिप्शन मॉडल पर करि । 2009 से लेकर आज तक Whatsapp का समाज सिर्फ बढ़ा ही है और एक दिसंबर 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक़ तब Whatsapp का यूजर बेस कही 400 करोड़ के आसपास था । सब्सक्रिप्शन फीस होने के बावजूद लोगो का कहना था की जब भी सब्सक्रिप्शन की सीमा समाप्त होने लगती , तो सब्सक्रिप्शन अपने आप extend हो जाता जिससे Whatsapp मुफ्त ही रहता।

2014 में Whatsapp को Facebook Inc. ने 19.3 अरब में खरीद लिया । खरीदने के बाद उन्होंने घोषणा की के सब्सक्रिप्शन का ज़माना अब समाप्त हो चुका है और अब Whatsapp उपयोगको के लिए बिलकुल मुफ्त रहेगा ।

Forbes का कहना है की Whatsapp की कुल आय लगभग $5 million है और हर यूजर से आय की औसत लगभग $4 है ।

हमारा सवाल यह है की बिना Ads का साथ लिए और यूज़र्स से बिना कोई पैसा लिए Whatsapp कैसे इतना पैसा कमाता है ?

दिक्कत यह है की Whatsapp का बिज़नेस मॉडल पैसे के बारे में है ही नहीं ! यह हमारी जानकारी , बातचीत , व्यवहार, मनोदशा, खरीदारी में पसंद और अन्य वरणो का पता रखना चाहता है दूसरी कंपनियों को बेचने के लिए ।

Facebook Inc. ने Whatsapp को इसलिए ख़रीदा ताकि वह यूज़र्स की निजी जानकारी और बर्ताव को जान सके ।  यूज़र्स की जगह की जानकारी , अरबो सन्देश और निजी contact सूचिओ की जानकारी तक Facebook Inc. के पास है । यह सारी जानकारी Whatsapp के सर्वर्स पर नियमित तौर पर अपलोड की जाती है । इसलिए हम कई बार उन चीज़ो का ad देखते है जिसकी हमने कभी Whatsapp पर चर्चा की थी ।

इतनी ज़्यादा जानकारी Whatsapp के सर्वर्स पर होने के कारण बड़ी कम्पनिया यह डाटा खरीदने के लिए भारी दाम देती होंगी । जहा तक हमे मालुम है Whatsapp यह डाटा third-parties को बेच देता है अपने यूज़र्स को सही Ads दिखाने के लिए । अब तो हर दिन ऐसा लगता है जैसे इंटरनेट रोज़ हमारा पीछा कर रहा है। शुक्रिया Mr. Zuckerberg यह दिन दिखाने के लिए!

Whatsapp के CEO का कहना है की Whatsapp सिर्फ और सिर्फ सन्देश भेजने और प्राप्त करने के लिए है और यह कभी भी Ads दिखाने के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाएगा । FBI को आंतकवाद संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सहायता देने से इंकार करने के बाद Whatsapp को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । इसके बाद उन्होंने एक नई सुविधा की घोषणा की जिसका नाम chats के लिए end-to-end encryption था जिससे कोई भी आपके संदेशो को पढ़ नहीं पायेगा , खुद Whatsapp भी नहीं ।

लोगो को end-to-end encryption के नाम पर पागल बनाते हुए Whatsapp हमारी सारी जानकारी का बैकअप लेता है और Targeted Ads के लिए Facebook के साथ शेयर करता है । Facebook आसानी से हमारी chats तक पहुँच सकता है , हाला की Facebook के CEO Mark Zuckerberg ने इस बात को साफ़ इंकार किया है । हमारे फ़ोन का इस्तेमाल ट्रैक किया जाता है (OK Google!), कौन सी जगह पर है हम यह भी ट्रैक किया जाता है और तो और हमारी chats का भी इस्तेमाल किया जाता है । इंटरनेट पर Privacy बस एक वेहम है ।

यह जानकारी, जो Whatsapp और Facebook third-party को बेचते है यह हमारे लिए एक खतरा है । हर बार जब भी हम बिना पढ़े terms & conditions को हाँ कर देते है , हम अपना सारा डाटा दे बैठते है । हमारी जानकारी आसानी से हमारे खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है , और हमे यह एहसास तभी होगा जब बहुत देर हो जायेगी ।

Whatsapp हमे Ads नहीं दिखाता क्योंकि उसको ज़रूरत ही नहीं है । उसको हमसे पैसा नहीं चाहिए क्योंकि उन्हें पैसे से कई गुना ज़्यादा कीमती चीज़ मिल रही है , हमारी पर्सनल जानकारी

 


गुनकार सिंह

मेरा नाम गुनकार सिंह है और मैं BCA 3rd year का छात्र हूँ । मैं डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया से वाकिफ हूँ और तरह तरह की तकनीके जैसे SEO , SMO , सोशल मीडिया मार्केटिंग भी जानता हूँ । मेरा यह ब्लॉग शुरू करने का मकसद यह है की ज़्यादा से ज़्यादा लोगो तक अपने विचार और अपनी बातो को पहुंचा सकूँ । E-Mail - gunkaar.singh17@gmail.com

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